गुरुग्राम सेक्टर-10 लॉकडाउन में बेचा स्कूल, कर्मचारी भटक रहे

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गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित मीनाक्षी पब्लिक स्कूल ने बिना हिसाब किए ही चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। पिछले एक महीने से लगातार कर्मचारी अपना हिसाब लेने के लिए भटक रहे हैं कर्मचारियों को हिसाब मांगने पर धमकियां दी जा रही हैं। उधर, कुछ कर्मचारियों ने मंगलवार को वेतन के साथ हिसाब की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।इसके अलावा कई कर्मचारियों से बहला-फुसला कर कोई बकाया न होने की बात लिखवा हस्ताक्षर करा लिए हैं।

दरअसल, मीनाक्षी स्कूल अब जीडी गोयनका बन चुका है। लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब कर्मचारी स्कूल पहुंचे तो उन्हें इसके बारे में पता चला। उनके स्कूल की बिल्डिंग पर जीडी गोयनका का बोर्ड लगा हुआ था। इस बारे में बात करने पर मीनाक्षी स्कूल प्रबंधन ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी है। बल्कि अप्रैल, मई और जून के महीने का आधे से भी कम वेतन देकर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। कर्मचारियों को उनका हिसाब तक नहीं दिया गया है। अब स्कूल नहीं तो कैसा हिसाब, कह कर कर्मचारियों को वापस भेजा जा रहा है।
कर्मचारी सावित्री, अंजू, मालती, शशिबाला, सरोज और सुषमा ने बताया कि उन्हें सिर्फ 1500 रुपये देकर कोई बकाया नहीं होने की बात लिखवा कर हस्ताक्षर करा लिए गए हैं। हालांकि, कर्मचारी इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी कर चुके हैं। वहीं, बुधवार को कर्मचारी उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे। मीनाक्षी पब्लिक स्कूल के निदेशक से संवाददाता ने कई बार संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।


नौकरी नहीं तो ग्रेच्युटी का भुगतान कराए सरकार
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी चंद्रमोहन, रामवीर, रामसहाय, बच्चू, प्रेमचंद व बंसी ने बताया कि वह पिछले दस सालों से इसी स्कूल में ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे। स्कूल पर पिछले कई महीनों का बकाया है, साथ ही ग्रेच्युटी भी बाकी है। हिसाब मांगने पर पिछले महीने का वेतन भी नहीं देने की धमकियां दी जा रही है। प्रत्येक कर्मचारी की एक-एक लाख से भी ज्यादा ग्रेच्युटी बनती है। नौकरी न होने पर यह राशि काम आ सकती है। सरकार से मांग है कि अगर नौकरी नहीं तो कम से कम बकाया वेतन व ग्रेच्युटी का भुगतान कराए, ताकि वे अपना गुजारा कर सकें। कर्मचारियों ने बताया कि बिना नौकरी और बकाया के उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है।

मार्च में स्कूल को जीडी गोयनका को दे दिया गया था। उससे पहले फरवरी तक का वेतन कर्मचारियों को दे दिया है। कुछ कर्मचारियों को समस्या आ रही है लेकिन अब उनकी समस्याओं का निपटारा नए स्कूल का प्रशासन ही करेगा।

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